आईटीआई कोपा यानी कंप्यूटर ऑपरेटर और प्रोग्रामिंग असिस्टेंट, आईटीआई के सबसे अच्छे ट्रेडों में से एक है। यह एक साल का कोर्स होता है। इसमें कंप्यूटर से जुड़ी बेसिक जानकारी दी जाती है, जैसे कि हार्डवेयर, सॉफ्टवेर इंटरनेट, और प्रोग्रामिंग। इस कोर्स में एडमिशन के लिए 10वीं पास होना जरूरी है। इस कोर्स में सिखाई जाने वाली प्रक्टिकल :- कंप्यूटर ऑपरेटर का काम, कंप्यूटर के इनपुट-आउटपुट डिवाइस को ऑपरेट करना, कंप्यूटर सिस्टम का बैकअप लेना, कंप्यूटर स्क्रीन पर आने वाले एरर मेसेज को चेक करना, टाइपिंग करना, एक्सेल शीट बनाना, और डेटा मैनेज करना,प्रोग्रामिंग असिस्टेंट का काम कंप्यूटर प्रोग्राम को इंस्टॉल करना, उसे मेंटेन करना, और उसे अपडेट करना।
आईटीआई इलेक्ट्रीशियन कोर्स, नेशनल काउंसिल फॉर वोकेशनल ट्रेनिंग (एनसीवीटी) द्वारा अनुमोदित है। यह कोर्स दो साल का होता है- आईटीआई इलेक्ट्रीशियन कोर्स, इलेक्ट्रिक डिवाइस और वायरिंग से जुड़ा है। यह कोर्स, इलेक्ट्रिकल क्षेत्र में तकनीशियन, मैकेनिक, या इंजीनियर बनने के इच्छुक छात्रों के लिए फायदेमंद है। इलेक्ट्रीशियन बनने के बाद, लाइनमैन, वायरमैन, रखरखाव इलेक्ट्रीशियन, विद्युत पर्यवेक्षक, विद्युत ठेकेदार, सर्विस तकनीशियन, वाइन्डर विशेषज्ञ, प्रयोगशाला तकनीशियन, और फॉर्मन जैसे पदों पर काम किया जा सकता है।
आईटीआई में फिटर कोर्स, मैकेनिकल ब्रांच से जुड़ा एक दो साल का कोर्स है। इस कोर्स को नेशनल काउंसिल ऑफ़ वोकेशनल ट्रेनिंग (NCVT) से मंज़ूरी मिली हुई है। इस कोर्स में, फिटिंग से जुड़े कई विषयों की जानकारी दी जाती है। पाइप फिटिंग, मशीन फिटिंग, स्ट्रक्चर फिटिंग, लोहे की कटिंग, वेल्डिंग, बाइंडिंग, चूड़ी काटना, लेथ मशीन, ड्रिल मशीन। इस कोर्स में, बुनियादी सुरक्षा उपायों के बारे में भी जानकारी दी जाती है. फिटर कोर्स करने के बाद, आप सरकारी या प्राइवेट नौकरी पा सकते हैं। सरकारी नौकरी के लिए, आप रेलवे लोको पायलट, टेक्नीशियन, या ऑर्डिनेंस फैक्ट्री आदि में अप्लाई कर सकते हैं।
आईटीआई में सोलर टेक्नीशियन कोर्स 1 वर्षीय पाठ्यक्रम है , इस कोर्स को करने के बाद, सोलर प्लांट में नौकरी मिल सकती है या अपना कारोबार भी शुरू किया जा सकता है. सोलर टेक्नीशियन से जुड़ी कुछ और बातें:-
सोलर टेक्नीशियन को बिजली, इलेक्ट्रॉनिक्स, सौर फोटोवोल्टिक (पीवी) प्रणाली, और एलईडी से जुड़ी बुनियादी बातें सिखाई जाती हैं. सोलर टेक्नीशियन का काम सोलर पैनल लगाना, रखरखाव करना, इलेक्ट्रिकल वायरिंग करना, उपकरण चलाना, और सिस्टम का परीक्षण करना होता है. सोलर टेक्नीशियन के लिए, ये जगहें काम करने के लिए अच्छी हो सकती हैं:
सोलर इंस्टालेशन कंपनियां
सोलर उपकरण स्टोर
सोलर पैनल निर्माता
ITI Mechanic Electric Vehicle ट्रेड कोर्स 2 वर्षीय पाठ्यक्रम है इसमें आपको EV को मेन्टेन करना, इसकी जांच करना और AC सिस्टम की सर्विसिंग और रिपेयरिंग करना सिखाया जाता है. साथ ही इस कोर्स में आपको EV के डिफेक्टिव पार्ट्स को डिस्मेंटल करना और उसकी सर्विसिंग करना भी सिखाया जाता है.
ITI (औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान) में RAC (रेफ्रिजरेशन और एयर कंडीशनिंग) एक 2 साल का इंजीनियरिंग ट्रेड है, जो फ्रीज, एयर कंडीशनर, वाटर कूलर और कोल्ड स्टोरेज की मरम्मत व रखरखाव सिखाता है। जिसमें थ्योरी के साथ प्रैक्टिकल ट्रेनिंग (जैसे- गैस चार्जिंग, वायरिंग, रिपेयरिंग) पर जोर दिया जाता है। यह कोर्स रोजगार परक है, जिसमें सरकारी व प्राइवेट नौकरी और खुद की दुकान खोलने के अपार अवसर हैं।
* रेफ्रिजरेशन सिस्टम (AC, Fridge, Cooler) की स्थापना (Installation).
* कंप्रेसर, कंडेनसर, इवेपोरेटर की मरम्मत और रखरखाव.
* गैस चार्जिंग (Gas Charging) और लीकेज टेस्ट.
* इलेक्ट्रिकल वायरिंग और कंट्रोल सर्किट की जांच.